Tuesday, June 28, 2022

 उदयपुर का आतंकी हत्याकांड - एक चेतावनी 


उदयपुर में मंगलवार को नूपुर शर्मा के तथाकथित समर्थन में सोशल मीडिया पर एक पोस्ट डालने के कारण कन्हैया नामक व्यक्ति की दिनदहाड़े सरेबाज़ार बर्बरतापूर्ण हत्या कर दी गई।  जिस प्रकार से इस हत्या को अंजाम दिया गया उससे यह साधारण हत्या नहीं अपितु आतंकी हत्याकांड अधिक प्रतीत होता है। सभ्य समाज का कोई भी व्यक्ति चाहे वह किसी भी धर्म, जाति, पंथ, सम्प्रदाय से सम्बद्ध हो, इस पैशाचिक हत्याकांड का समर्थन नहीं कर सकता।  'आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता' कहने वालों के मुंह पर भी यह करारा तमाचा है।   

राजस्थान में जिस प्रकार विगत कुछ समय से राजनैतिक और सामाजिक सद्भावना के पतन की घटनाएं हो रही है, वास्तव में विचलित करने वाली हैं और राज्य सरकार है कि केवल 'सरक' और 'घिसट' रही है। 

कन्हैया को लगभग एक पखवाड़े से लगातार धमकियां दी जा रही थी।  उसने इस सम्बन्ध में, जैसा कि बताया जा रहा है, पुलिस को शिकायत भी दी।  पुलिस के ढुलमुल रवैये और 'आपराधिक मानसिकता को पनपने से पूर्व कुचलने' की नीति पर कायम न रहने की परिणति 'कन्हैया' की आतंकी हत्या के रूप में हुई। 

मैं इस विवाद में नहीं पड़ना चाहता कि नूपुर ने क्या कहा, किस सम्बन्ध में कहा, किन परिस्तिथियों में कहा, किसके उकसाने पर कहा, सत्य कहा, मिथ्या कहा, मनगढ़ंत कहा.... आदि आदि।  लेकिन सत्य यह है कि जिस राजनैतिक दल का वह प्रतिनिधित्व कर रही थी उन्होंने राजनैतिक दायित्वों और मर्यादा का निर्वहन करते हुए जो उचित समझा, किया। 

नूपुर शर्मा की बात केवल इसलिए हो रही है क्योंकि आतंकियों ने हत्या करने से पहले उनका समर्थन करने के कारण ही धमकियां दी थी।  लेकिन अब देखने वाली बात यह है कि नूपुर के बयान पर प्रतिक्रिया करने वाले देश क्या इस जघन्य आतंकी हत्याकांड की भी उसी स्वर में निंदा करेंगे या अनदेखा कर देंगे।  अभी तक किसी भी तथाकथित सभ्य देश द्वारा ऐसी निंदा सुनाई नहीं दी है और कटु सत्य यह है कि ऐसी अपेक्षा करना भी हास्यास्पद है। 

चलिए हम अन्य देशों को छोड़ अपने देश की ही बात करें।  अपने राजनैतिक स्वार्थ-सिद्धि हेतु छाती पीटने वाले 'बड़ी बिंदी गैंग, 'मोमबत्ती गैंग', 'ढफली गैंग' और सत्ता के चाटुकार बन 'सत्ता की मलाई चाटने वाले गैंग' अब शायद कोमा में हैं या फिर उनके मुंह में दही जम गई है या फिर उनके पैमाने में 'सनातनियों' के विरुद्ध हो रही पैचाशिकताओं का उल्लेख ही नहीं है।  

यह आतंकी हत्याकांड केवल एक हत्या मात्र नहीं है प्रत्युत माँ भारती से प्रेम करने वाले सभी हिन्दुस्तानियों के लिए एक सीख है... चेतावनी है... जागरूक रहने, एकत्र रहने और सक्षम होने की।  हमारे आसपास ही ऐसे लोग पनप रहे हैं जो इस देश की एकता, अखंडता को खंडित करने का कुप्रयास कर रहे है और आपसे प्रेम की बजाय वैमनस्य फैला रहे हैं।   

वर्तमान समय की मांग यही है कि ऐसी जघन्य, कलुषित मानसिकता वाली आतंकी घटनाओं के विरोध में समाज का हर वर्ग धर्म, जाति, पंथ, संप्रदाय और राजनीतिक प्रतिबद्धताओं को दरकिनार कर एकसाथ खड़ा हो और चहुंओर यथासंभव भर्त्सना हो और इन पैशाचिक घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने हेतु सार्थक प्रयास हों।   

जय हिन्द! वंदेमातरम !

1 comment:

  1. बहुत ही हृदयविदारक घटना है ये. जितनी इसकी भरत्स्ना की जाये उतनी कम. इस्लामी कटरपन्ति केवल भारत ही नहीं पूरी दुनिया के लिए एक खतरनाक चुनौती है. हमारी सरकारों को तुच्छ राजनीती से ऊपर आ कर इस पर सख्त और निर्णायक कार्यवाही करनी चाहिए.
    आपने ये बेहद बढ़िया लेख लिखा इसके लिए धन्यवाद

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